जन्नत में पाइजाने वाली नेमतें




जन्नत बहुत ही ज़्यादा आकर्शक ,सुन्दर और सुख-चैन का स्थान है, जिस में प्रवेश होने के पश्चात मानव को किसी भी प्रकार के कष्ठ , परेशानी, मृत्यु से ग्रस्त नहीं होना पड़ेगा। आकाश से एक पुकारने वाला कहेगा। जैसा कि सही हदीस में निवारण हुआ है।

ينادي مناد : إن لكم أن تصحوا فلا تسقموا أبدا . وإن لكم أن تحيوا فلا تموتوا أبدا . وإن لكم أن تشبوا فلا تهرموا أبدا. وإن لكم أن تنعموا فلا تبأسوا أبدا فذلك قوله عز وجل:{ ونودوا أن تلكم الجنة أورثتموها بما كنتم تعملون} [ 7 / الأعراف / 43 ]. (+%D9%85%D9%88%D9%82%D8%B9+%D8%A7%D9%84%D8%AF%D8%B1%D8%B1+%D8%A7%D9%84%D8%B3%D9%86%D9%8A%D8%A9+-+%D8%A7%D9%84%D9%85%D9%88%D8%B3%D9%88%D8%B9%D8%A9+%D8%A7%D9%84%D8%AD%D8%AF%D9%8A%D8%AB%D9%8A%D8%A9+-+%D9%85%D9%86+%D8%AD%D8%AF%D9%8A%D8%AB+%D8%A3%D8%A8%D9%88+%D9%87%D8%B1%D9%8A%D8%B1%D8%A9((صحيح مسلم- رقم الحديث:2837)

रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म) ने फरमायाः ″ एक पुकारने वाला पुकार कर कहेगा ! निः संदेह तुम लोग अब हमेशा स्वस्थ रहोगे तो कभी भी रोगी नहीं होगे, और निः संदेह तुम लोग अब हमेशा जीवित रहोगे तो कभी भी तुम्हें मृत्यु नहीं आएगी और निः संदेह तुम लोग अब हमेशा जवान रहोगे तो तुम्हें बुढ़ापा नहीं आऐगा और निः संदेह तुम लोग अब हमेशा ऐश-इश्रत से भरी हुइ जीवन में रहोगे, तुम्हें किसी प्रकार की निराशा नहीं होगी और अल्लाह तआला का कथन इसी पर दलालत करता है, जैसा कि पवित्र क़ुरआन में आया है। " और उन्हें आवाज़ दी जाएगी " यह जन्नत है, जिसके तुम वारिस बनाए गए। उन कर्मों के बदले में जो तुम करते रहे थे।" (सूरः अल-आराफ-43) (सही मुस्लिमः हदीस क्रमांकः 2837)
वास्तविक्ता तो यह कि कोई व्यक्ति जन्नत में उपस्थित वस्तुओं का दुनिया की वस्तुओं से अनुमान नहीं लगा सकता क्योंकि जन्नत में पाई जाने वाली चीज़े अत्यन्त सुन्दर और स्वादिष्ठ होगी, परन्तु उन वस्तु को समझने में सरलता के लिए कुछ चीज़े निवारण किया जाता है ताकि मुमिन का हृदय उसे प्राप्त करने की इच्छा करे और वह उसे पाने के लिए बहुत कोशिश और नेक अमल करे।
जन्नत में ऐसे अनूपम और गैर सादृश्य भवन और हवैली होंगी, जिसका दुनिया में उपस्थित होना असंभव है। परन्तु अल्लाह तआला जन्नत में अपने नेक दासों और भक्तों को बना कर देगा।

عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ (رضي الله عنه) قَالَ: قُلْنَا: يَا رَسُولَ اللَّهِ " أَخْبِرْنَا عَنِ الْجَنَّةِ، مَا بِنَاؤُهَا؟ قَالَ: الجنة بناؤها لبنة من فضة، ولبنة من ذهب، وملاطها المسك الأذفر، وحصباؤها اللؤلؤوالياقوت، وتربتها الزعفران، من يدخلها ينعم لا يبأس، ويخلد لا يموت، لا تبلى ثيابهم، ولا يفنى شبابهم " (الجامع الصغير للسيوطي ورقم الحديث: 3650)
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णन है कि हम ने रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म) से प्रश्न किया ! ऐ अल्लाह के रसूल! जन्नत में हवेली और ईमारत किस चीज़ की बनी होगी ? तो रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म) ने फरमायाः " उसकी एक ईंट चांदी और दुसरी ईंट सोने की होगी और दोनों को जोड़ने के लिए सीमेंट कस्तूरी का होगा। उस के संग रेज़े मोती और नीलम के होंगे और उसकी मिट्टी केसर की होगी और जो कोई उस में प्रवेश हो गया वह हमेशा ऐश-इश्रत में रहेगा, कभी उसे किसी प्रकार का कष्ठ न होगा। हमेशा जीवित रहेगा, कभी उसकी मृत्यु न होगी। जन्नत वासियों के वस्त्र कभी पुराने न होंगे और नही उनकी जवानी समाप्त होगी।" (अल-जामिअ अस्सग़ीर – सीवतीः हदीस क्रमांकः 3650) 
इसी प्रकार जन्नत वासियों का पटवास और पटमंडप भी बहुत सुन्दर और हीरे और जवाहारात से सुसज्जित होंगे। जैसा कि हदीस में आया है।

أبو موسى الأشعري قال قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: " إن للمؤمن في الجنة لخيمة من لؤلؤة واحدة مجوفة طولها ستون ميلا , للمؤمن فيها أهل يطوف عليهم المؤمن فلا يرى بعضهم بعضا " ( صحيح مسلم  :رقم الحديث:  2838 )
अबू मूसा अश्अरी से वर्णित हैं कि रसूल  (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म) ने फरमायाः ″ बेशक मूमिन के लिए जन्नत में एक ऐसा पटमंडप होगा जो हीरे को अन्दर से खूरच कर बनाया गया होगा। उस की लम्बाई साठ मील होगी। उस के पटमंडप में मूमिन की पत्नियाँ होंगी, वह हर एक पत्नी के पास जाऐगा परन्तु आपस में एक दुसरे को कोई देख नहीं सकेंगे। " (सही मुस्लिमः हदीस क्रमांकः 2838)
जन्नत में जन्नतवासी अपने कर्मों और कर्तव्य के अनुसार विभिन्न वर्ग में होंगे। कोई बहुत ही उच्च स्थान और बुलन्द दर्जे पर होगा, तो कोई उस से कुछ निचे पद पर होगा तो कुछ बहुत ही निचले दर्जे पर होगा। सही बुखारी में अबू सईद अल-खुद्री से वर्णन है कि रसूल  (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म) ने फरमायाः ″
" إن أهل الجنة ليتراؤن أهل الغرف من فوقهم كما تتراؤن الكوكب الدري الغابر من الأفق من المشرق أو المغرب لتفاضل مابينهم قالوا يا رسول الله! تلك منازل الأنبياء لايبلغها غيرهم قال: بلى ! والذي نفسي بيده, رجال آمنوا بالله وصدقوا المرسلين " (صحيح البخاري , رقم الحديث: 3256)
बेशक जन्नतवासी बालकनी में रहने वाले दुसरे जन्नतियों को उन के बीच जन्नत के विभिन्न वर्ग में होने के कारण ऐसे देखेंगे जिस प्रकार तुम पूरब और पच्छिम में निकलने और डूबने वाले प्रकाशित सितारे को देखते हो, तो सहाबा किराम ने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! यह तो नबियों का नियुक्त स्थान है जहाँ केवल वही लोग बराजमान होंगे, साधारण व्यक्ति वहाँ तक कदापि नहीं पहुंच सकता, तो रसूल ने उत्तर दिया है। हाँ , उस ज़ात की क़सम जिसके हाथ में मेरी प्राण है, यह वह साधारण लोग होंगे जिन्हों ने अल्लाह पर ईमान लाए और रसूलों की तस्दीक(पुष्ठी) की।" ( सही बुखारी, हीदीस क्रमांकः 3256)
जन्नतवासी अपने नेक कर्मों के अनुसार जन्नत में विभिन्न उच्च उच्च स्थान में होंगे जैसा कि क़ुरआन करीम याद रखने वालों से अल्लाह फरमाएगा। हदीस मुस्नद अहमद में मौजूद है।
" يقال لصاحب القرآن يوم القيامة اذا دخل الجنه اقرأ واصعد فيقرأ و يصعد بكل آية درجة حتى يقرأ آخر شيئ معه " ( مسند أحمد و صحيح الجامع للعلامة الألباني , رقم الحديث: 8121)
अबू सईद अल-खुद्री (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णन है कि रसूल  (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म) ने फरमायाः ″ क़ुरआन याद रखने और क़ुरआन के अनुसार अमल करने वाले व्यक्तियों से कहा जाएगा, जब वह जन्नत में दाखिल हो जाऐंगे। पढ़ते जाओ और जन्नत के उच्च पद पर चढ़ते जाओ और प्रत्येक आयत पर वह एक पद चढ़ते जाऐंगे, यहाँ तक कि वह अन्तिम आयत जो उसे याद होगा।"  (मुस्नद अहमदः और सहीहुल-जामिअ –अल्लामा अल्बानीः 8121)
परन्तु इतना ऊंचा स्थान उन व्यक्तियों को प्राप्त होगा जो क़ुरआन पढ़ते हैं और उसे याद करते हैं और उसे समझने की पूरी कोशीश करते हैं और समझ कर उसके अनुसार जीवन गुज़ारते हैं। इसी प्रकार जन्नत में 100 वर्ग होंगे और सब से सर्वशेष्ठ और महानतम पद वसीला का पद होगा। जो अल्लाह के अर्श के निचे होगा और यह स्थान केवल रसूल  (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म) के लिए खास (विशेष) होगा। आप के अलावा किसी दुसरे अल्लाह के भक्त को यह उच्च स्थान प्राप्त न होगा। जैसाकि रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म) ने फरमायाः जब तुम मुअज़्ज़िन के आज़ान की आवाज़ सुनो तो वैसे ही कहो जैसा कि वह कहता है, फिर मुझ पर दरूद भेजो तो जिसने मुझ पर एक बार दरूद भेजेगा, अल्लाह उस पर दस बार दरूद भेजेगा फिर मेरे लिए अल्लाह से वसीला मांगो तो बेशक जन्नत में वह उच्च स्थान है जो अल्लाह के भक्तों में से किसी एक भक्त के लिए खास है और मुझे पूरी आशा है कि वह भक्त मैं ही होंगा। तो जिसने अल्लाह से मेरे लिए वसीला के स्थान की दुआ किया तो क़ियामत के दिन मेरी शिफारिश नसीब होगी।" (  )
जन्नत में जन्नतवासियों को अल्लाह बहुत सुन्दर सरूप देगा और उनकी सुन्दरता अधिक से अधिकतम कर दिया जाऐगा जैसा कि ..................................
 जन्नत में ऐसे खुशनुमा उद्यान होंगे , ऐसे आकर्शक बाग़ात होंगे जिन के निचे से नहरें बहती होंगी। जन्नत वासी आराम दह गद्दों और सोफों पर टेक लगा कर विश्राम कर रहे होंगे। अतिसुन्दर और बहुमूल्य वस्त्र पहने हुए होंगे। अल्लाह तआला ने इन वस्तुओं में से कुछ चीज़ों के प्रति इस आयत में बयान फरमाया है।
إِنَّ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ إِنَّا لَا نُضِيعُ أَجْرَ مَنْ أَحْسَنَ عَمَلًا - أُولَٰئِكَ لَهُمْ جَنَّاتُ عَدْنٍ تَجْرِي مِنْ تَحْتِهِمُ الْأَنْهَارُ يُحَلَّوْنَ فِيهَا مِنْ أَسَاوِرَ مِنْ ذَهَبٍ وَيَلْبَسُونَ ثِيَابًا خُضْرًا مِنْ سُنْدُسٍ وَإِسْتَبْرَقٍ مُتَّكِئِينَ فِيهَا عَلَى الْأَرَائِكِ نِعْمَ الثَّوَابُ وَحَسُنَتْ مُرْتَفَقًا (سورة الكهف: 31)
" बेशक जो ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए, तो निश्चय ही किसी ऐसे व्यक्ति का प्रतिदान हम अकारथ नहीं करते जिसने अच्छे कर्म किया हो, ऐसे ही लोगों के लिए सदाबहार बाग़ है। उनके नीचे नहरें बह रही होंगी। वहाँ उन्हें सोने के कंगन से आभूषित किए जाएँगे और वे हरे पतले और गाढ़े रेशमी कपड़े पहनेंगे और ऊँचे तख़्तों पर तकिया लगाए होंगे। क्या ही अच्छा बदला है और क्या ही अच्छा विश्रामस्थल! " (सूरः अल-कहफः 31)
और पवित्र क़ुरआन में दुसरे स्थान पर फरमायाः
إِنَّ اللَّهَ يُدْخِلُ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ جَنَّاتٍ تَجْرِي مِنْ تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ يُحَلَّوْنَ فِيهَا مِنْ أَسَاوِرَ مِنْ ذَهَبٍ وَلُؤْلُؤًا وَلِبَاسُهُمْ فِيهَا حَرِيرٌ (سورة الحج: 23)
“ निस्संदेह अल्लाह उन लोगों को, जो ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए, ऐसे बाग़ों में दाखिल करेगा जिनके नीचें नहरें बह रही होंगी। वहाँ वे सोने के कंगनों और मोती से आभूषित किए जाएँगे और वहाँ उनका वस्र रेशमी होगा ”   (सूरः हज्जः 23)
इसी तरह जन्नतवासी उत्तम रेशम के मख्मली गद्दों पर टेक लगाए विश्राम करेंगे। जैसा कि अल्लाह का कथन है।
مُتَّكِئِينَ عَلَىٰ رَفْرَفٍ خُضْرٍ وَعَبْقَرِيٍّ حِسَانٍ (سورة الرحمن: 76)
“ वे )जन्नत वासी) हरे रेशमी गद्दो और उत्कृष्ट् और असाधारण क़ालीनों पर तकिया लगाए होंगे।”  (सूरः अर-रहमानः 76)
दुसरी आयत में अल्लाह तआला ने जन्नत में विश्राम करने का दृश्य इस प्रकार बयान किया है।
فِيهَا عَيْنٌ جَارِيَةٌ - فِيهَا سُرُرٌ مَرْفُوعَةٌ - وَأَكْوَابٌ مَوْضُوعَةٌ - وَنَمَارِقُ مَصْفُوفَةٌ - وَزَرَابِيُّ مَبْثُوثَةٌ -
“ उसमें स्रोत प्रवाहित होगा - उसमें ऊँची-ऊँची मसनदें होगी - प्याले ढंग से रखे होंगे - गाव तकिए की पंक्तियां लगी होंगी - और हर ओर क़ालीने बिछी होंगी" (सूरः अल-ग़ाशियाः 16)
इसी प्रकार जन्नतवासी की सिवा के लिए वहाँ प्रत्येक प्रकार के फल फुरूट और पक्वान उपलब्ध होंगे और जिस चीज़ की इच्छा होगी, वह जन्नतवासियों को पैश किया जाऐगा।
जैसा कि अल्लाह तआला ने फरमाया है।
ادْخُلُوا الْجَنَّةَ أَنْتُمْ وَأَزْوَاجُكُمْ تُحْبَرُونَ - يُطَافُ عَلَيْهِمْ بِصِحَافٍ مِنْ ذَهَبٍ وَأَكْوَابٍ وَفِيهَا مَا تَشْتَهِيهِ الْأَنْفُسُ وَتَلَذُّ الْأَعْيُنُ وَأَنْتُمْ فِيهَا خَالِدُونَ - وَتِلْكَ الْجَنَّةُ الَّتِي أُورِثْتُمُوهَا بِمَا كُنْتُمْ تَعْمَلُونَ - لَكُمْ فِيهَا فَاكِهَةٌ كَثِيرَةٌ مِنْهَا تَأْكُلُونَ(سورة الزخرف- 73)
" तुम और तुम्हारे जोड़े भी, हर्षित होकर जन्नत में प्रवेश हो जाओ ! - उनके आगे सोने की तशतरियाँ और प्याले गर्दिश करेंगे और वहाँ वह सब कुछ होगा, जो दिलों को भाए और आँखे जिससे लज़्ज़त पाएँ। " और तुम उसमें सदैव रहोगे - यह वह जन्नत है जिसके तुम वारिस अपने उस कर्म के बदले हुए हो जो तुम करते थे। -  तुम्हारे लिए वहाँ बहुत से स्वादिष्ट फल है जिन्हें तुम खाओगे।" (सूरः अज़्ज़ुख़रूफः 73)
जन्नतवासियों को बहुत उत्तम मिठास, स्वादिष्ट चीज़ पिलाया जाऐगा। जैसा कि क़ुरआन करीम में अल्लाह तआला ने फरमाया है।
إِنَّ الْأَبْرَارَ يَشْرَبُونَ مِنْ كَأْسٍ كَانَ مِزَاجُهَا كَافُورًا - عَيْنًا يَشْرَبُ بِهَا عِبَادُ اللَّهِ يُفَجِّرُونَهَا تَفْجِيرًا (سورة الإنسان: 6)
“ निश्चय ही नेक लोग ऐसे जाम से पिएँगे जिसमें काफ़ूर का मिश्रण होगा - उस स्रोत का क्या कहना! जिस पर बैठकर अल्लाह के बन्दे पिएँगे, इस तरह कि उसे बहा-बहाकर (जहाँ चाहेंगे) ले जाएँगे”  (सूरः इन्सानः 6)
दुसरी आयत में इस स्वादिष्ट पीने वाली चीज़ों को अल्लाह तआला ने इस प्रकार बयान किया है।
وَيُطَافُ عَلَيْهِمْ بِآنِيَةٍ مِنْ فِضَّةٍ وَأَكْوَابٍ كَانَتْ قَوَارِيرَا - قَوَارِيرَ مِنْ فِضَّةٍ قَدَّرُوهَا تَقْدِيرًا - وَيُسْقَوْنَ فِيهَا كَأْسًا كَانَ مِزَاجُهَا زَنْجَبِيلًا - عَيْنًا فِيهَا تُسَمَّىٰ سَلْسَبِيلًا -(سورة الإنسان: 17)
“ और उनके पास चाँदी के बरतन और प्याले ग़र्दिश कराए जाएंगे - जो बिल्कुल शीशे हो रहे होंगे, शीशे भी चाँदी के जो ठीक अन्दाज़े करके रखे गए होंगे - और वहाँ वे एक और जाम़ पिएँगे जिसमें सोंठ का मिश्रण होगा - क्या कहना उस स्रोत का जो उसमें होगा, जिसका नाम सल-सबील है।”  (सूरः इन्सानः 18)
इसी तरह जन्नत में चार प्रकार की नहरें बह रही होंगी। जैसा कि अल्लाह तआला ने पवित्र क़ुरआन में फरमाया है।
" مَثَلُ الْجَنَّةِ الَّتِي وُعِدَ الْمُتَّقُونَ فِيهَا أَنْهَارٌ مِنْ مَاءٍ غَيْرِ آسِنٍ وَأَنْهَارٌ مِنْ لَبَنٍ لَمْ يَتَغَيَّرْ طَعْمُهُ وَأَنْهَارٌ مِنْ خَمْرٍ لَذَّةٍ لِلشَّارِبِينَ وَأَنْهَارٌ مِنْ عَسَلٍ مُصَفًّى وَلَهُمْ فِيهَا مِنْ كُلِّ الثَّمَرَاتِ وَمَغْفِرَةٌ مِنْ رَبِّهِمْ"  (سورة محمد: 15)
" उस जन्नत की उदाहरण, जिसका वादा अल्लाह के आज्ञापालण करने वालों से किया गया है, यह है कि ऐसे पानी की नहरें होगी जो प्रदूषित नहीं होता। और ऐसे दूध की नहरें होंगी जिसके स्वाद में तनिक भी अन्तर न आया होगा, और ऐसे पेय की नहरें होंगी जो पीनेवालों के लिए मज़ा ही मज़ा होंगी, और साफ़-सुधरे शहद की नहरें भी होंगी और उनके लिए वहाँ अपने रब की ओर से हर प्रकार के फल और क्षमा होंगी "
जन्नत में रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म) को एक कुंवा दिया जाऐगा जिस के बारे में रसूल(सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म) ने सूचना दी है और अल्लाह तआला ने एक सूरः उतार जिस का नाम सूरः कौसर है। जिस के सर्वशेष्टा के प्रति सही बुखारी और सही मुस्लिम में आया है।  जिसे अब्दुल्लाह बिन अम्र बिन आस (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) से वर्णन करते है कि रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म) ने फरमायाः " मुझे एक कुंवा दिया जाऐगा जो एक महीने की दूरी के बराबर बड़ा होगा, उसका पानी दूध से अधिक उज्जवल, और मधू से अधिक मिठा और उसकी खुश्बू कस्तुरी से अधिक सुगंध वाली होगी और उस के प्याले आकाश के तारों के बराबर होंगे। जो इस में से एक बार पी लेगा उसे फिर वह दो बारा कभी प्यासा न होगा।"
इसी प्रकार जन्नतवासियों को पेशाब करने की आवश्यक्ता न होगी और नहीं शौच की और न ही उनके नाक से पानी निकलेगा और न ही मुंह से थूक और बल्ग़म आऐगा। जन्नत वासियों के पसीने की सुगंध कस्तूरी की तरह होगी। वह लोग सोने और चांदी के कंगघी का प्रयोग करेंगे। बहुत ज़्यादा चमकदार रोशनी होगी और हृदय ग्राही रूपवान , सुन्दर और बड़ी आंखों वाली, हम उमर हूर और पत्नियां होंगी।
हूर कैसी होगी ?
क़ुरआन और हदीस शरीफ में हूरों की कुछ खूबी और सुन्दरता बयान किया गया है।
وَحُورٌ عِينٌ - كَأَمْثَالِ اللُّؤْلُؤِ الْمَكْنُونِ - جَزَاءً بِمَا كَانُوا يَعْمَلُونَ (سورة الواقعة-24)
और बड़ी आँखोंवाली हूरें - ऐसी सुन्दर जैसेकि छिपाए हुए मोती हों - यह सब उसके बदले में उन्हें प्राप्त होगा जो कुछ वे करते थे " (सूरः 24)
वह हूरें सफाई में याकूत (नीलम) और सफेदी और सुरखी में हीरे मोती की तरह होंगी। वह ऐसी रुपवान और सुन्दर होंगी कि उनकी अतिसुन्दरता और निखारपन और उज्जवल के कारण उनकी पिंडली का गूदा मांस और हड्डी के पिछे से नजर आऐगा।
जन्नत की महिला की एक विशेषता यह बयान की गई है। सही बुखारी और सही मुस्लिम में यह रिवायत आई है ।
" و لو أن امراة من أهل الجنة اطلعت إلى أهل الأرض لأضأت ما بينهما ولملأته ريحا ولنصيفها على رأسها خير من الدنيا وما فيها " (صحيح البخاري: 2796)
“ और यदि जन्नती महिलाओं में से कोई एक महिला पृथ्वीवासियों की ओर झांक ले तो धरती        और आकाश के बीच को प्रकाशित कर दे और उसे खुश्बू से भर दे और उस के सर का दो पट्टा इतना बहुमूल्य होगा कि वह दुनिया और दुनिया की पूर्ण वस्तुओं से उत्तम होगा।” (सही बुखारीः हदीस क्रमांकः 2796)
فِيهِنَّ قَاصِرَاتُ الطَّرْفِ لَمْ يَطْمِثْهُنَّ إِنْسٌ قَبْلَهُمْ وَلَا جَانٌّ  (سورة الرحمن-56)
“ उन (अनुकम्पाओं) में निगाह बचाए रखनेवाली (सुन्दर) स्त्रियाँ होंगी, जिन्हें उनसे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया और न किसी जिन्न ने।”   (सूरः 56)
इस प्रकार जन्नत में बहुत ज़्यादा ऐश-आराम उठाने की वस्तु होगी जिसका मानव इस दुनिया में कल्पना भी नहीं कर सकता है। जन्नतवासियों की सेवा के लिए बालक और किशौर उपस्थित होंगे जो रूपवान और सुन्दरता में हीरे और मोती की तरह चमक रहे होंगे जो जन्नत वासियों की खूब सेवा करेंगे। जैसा कि अल्लाह ने पवित्र क़ुरआन करीम में बयान फरमाया है।
 " يطوف عليهم ولدان مخلدون بأكواب و أباريق و كأس من معين ، لا يصدّعون عنها ولاينزفون، وفاكهة مما يتخيرون و لحم طير ممّا يشتهون." (سورة الواقعة: 26)
“ उनके पास किशोर होंगे जो सदैव किशोरावस्था ही में रहेंगे - भरे प्याले और कन्टर और सागर और विशुद्ध पेय से भरा हुआ पात्र लिए फिर रहे होंगे - जिस (के पीने) से न तो उन्हें सिर दर्द होगा और न उनकी बुद्धि में विकार आएगा - और स्वादिष्ट, ॥ फल जो वे पसन्द करें - और पक्षी का मांस जो वे चाहेंगे।”  ( सूरः वाक़ियाः 21)

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