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डाक्टरों के कुछ सलाह और प्रामर्श उन व्यक्तियों के लिए जो दांत निकले वाते हैं।

यदि दर्द और पीड़ा के कारण आप को दांत नकलवाना पड़ गया है तो डाक्टरों के कुछ सलाह पर अमल करें, ताकि आप जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाऐं।


निम्नलिखित कामों से 24 घंटे तक दूर रहें।  कुल्ली करना। गर्म पीने की चीजों का प्रयोग।  सख्त चीज़ों का खाना।  धूम्र-पान।  जिस जगह से दांत निकाली गई हो, उस जगह को जीभ या उंगली से छुना।  मुश्किल काम करना।  पलास्टिक नली (Straw) के माध्यम से पीना।  बार बार थुकते रहना।
निम्नलिखित बातों पर अमल करें:  निरंतर उस स्थान पर दवा लगाई हुई रुई के टुकड़े (Gauze) रख कर उसे दांत से दबाते रहेंऔर हर आधे घंटे पर उसे बदलते रहें।  24 घंटा गुज़रने के बाद एक गिलास हल्का गर्म पानी में आधा चमचा नमक मिला कर दिन में 2-3 बार कुल्ली करें।   पाबंदी के साथ आराम पहुंचाने वाली औषधि का प्रयोग करें ताकि कष्ट का अनुभव न हो।   यदि कोई आपात स्थिति पेश आ जाए जैसे रक्त बहने लगे या ज़्यादा सूजन का अनुभव हो तो तुरन्त डाक्टर से सम्पर्क करें। दांत निकाले जाने के आस पास के स्थान को छोड़ कर धीरे धीर दांत को बर्श से साफ करें। सूचनाः यदि सूजन हो या मुंह खोलने में कठिनाई हो रही हो तो यह सामान्य लक्षण हैं जो धीरे धीरे …

गणतंत्र दिवस की शुभ कामनाऐं

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आज गणतंत्र दिवस है जो सब भारत वासियों के लिए खुशी का अवसर माना जाता है, परन्तु आज के नेताओं ने इसे गम और दुख में परिवर्तन कर दिया है, देश के संविधान और नियमों का उलंघन सब से ज्यादा नेताओं और देश के सरकारी करम्चारी ही करते हैं। 
सब भारत वासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं पेश करता हूँ, अल्लाह से दुआ है, सब को देश की प्रगति में शामिल होने की शक्ति दे, सच्चा देश प्रेमी बनाए और हमें दुनिया और आखिरत में सफलता दे और दुनिया में सही मार्गदर्शन करे। 

शासक के आज्ञा का पालन

अल्लाह तआला ने अपने दासों और बन्दों के लिए वह धर्म पसन्द किया जो कि प्रत्येक प्रकार से पूर्ण हो, और उसकी जीवन व्यवस्था प्रत्येक रूप से पूर्ण हो, और आचरण, स्वभाव और राज्यनेतिक असतर पर भी सही मार्ग दर्शन करता हो, और एक पवित्र और साफ सुथरा शासन का आज्ञा देता हो, राज्यकरमचारी तानाशाह नही बल्कि वह समाज के सेवक और जिम्मेदार है, और कियामत के दिन अपने जनता के प्रति प्रश्न किया जाऐगा। और जनता को भी आदेश दिया कि प्रत्येक वह आदेश जो अल्लाह की अवज्ञाकारी का न हो, उस की बात माना जाए जैसा कि अल्लाह तआला का प्रवचन है, देश का नियम जो अल्लाह की नाफरमानी में न हो, उस पर चला जाए, और हमें गर्व है कि हमारे देश का नियम बहुत ही उत्तम है जिस में प्रत्येक देशवासियों को अपने धर्म के अनुसार अमल करने की अनुमति दी गयी है।
देश और राज्य का व्यवस्था उत्तम तरीके से चले, इस के लिए अल्लाह तआला ने जनता को राजा या प्रधानमंत्री जैसे शसकों की आज्ञाकारी का आदेश दिया है जो अल्लाह की अवज्ञाकारी में न हों, जैसा कि अल्लाह का कथन है। " يا أيها الذين آمنوا أطيعوا الله و أطيعوا الرسول وأولي الأمر منكم فإن تنازعتم في شيء فردوه …