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जीवन के लिए कुच्छ महत्वपूर्ण बातें

जीवन के लिए कुच्छ महत्वपूर्ण बातें
पहले जमाने(भूत काल) में लोग शिक्षा के लिए गुरू के घर पधारते थे।एक गुरू की शिक्षा लेने के बाद दुसरे गुरू के पास जाते थे। इसी प्रकार की यह एक सही कहानी है।गुरू तथा छात्र के बीच होने वाली बात-चीत को धयान से पढ़े और अपनी जीवन में इस का लाभ उठाए।
गुरूः तुम कितने साल से मेरे साथ रह रहे हो ?
छात्रः 33 वर्ष
शिक्षकः इस अवधि में तुमने किया ज्ञान प्राप्त किया ?
क्षा 8 बातें का ज्ञान प्राप्त हुआ।
शिक्षकः बड़े खेद से कहते हैं। तुमहारे साथ मेरी आयु खतम हो गई परन्तु तुमने आठ ही चीजें सीखा है।
क्षात्रः मान्य गुरू जी, मैं ने केवल इनही चीज़ों का ज्ञान प्राप्त किया है और मुझे झूट बोलना पसन्द नही है।
शिक्षकः जो सीखा है, मुझे बताओ ?
क्षात्रःपहली बात
मैं ने मानव पर चिन्ता किया तो पाया कि हर कोई अपने प्रिय से प्रेम करता है प्रन्तु जब उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसका प्रिय उसे छोड़ जाता है। इसी लिए मैं ने पुन्य को अपना प्रिय बनाया ताकि जब मेरी मृत्यु हो तो पुन्य मेरे साथ हो।
दुसरी बात
मैं ने अल्लाह के इस कथन पर चिन्ता किया "और जिसने अपने रब के सामने ख…

जीवन के लिए महत्वपूर्ण बातें

जीवन के लिए कुच्छ महत्वपूर्ण बातें
पहले जमाने में लोग शिक्षा के लिए गुरू के घर पधारते थे । एक गुरू की शिक्षा लेने के बाद दुसरे गुरू के पास जाते थे। इसी प्रकार की यह एक सही कहानी है।गुरू तथा छात्र के बीच होने वाली बात-चीत को धयान से पढ़े और अपनी जीवन में इस का लाभ उठाए।
गुरूः तुम कितने साल से मेरे साथ रह रहे हो ?
छात्रः 33 वर्ष
शिक्षकः इस अवधि में तुमने किया ज्ञान प्राप्त किया ?
क्षात्रः 8 बातें का ज्ञान प्राप्त हुआ।
शिक्षकः बड़े खेद से कहते हैं। तुमहारे साथ मेरी आयु खतम हो गई परन्तु तुमने आठ ही चीजें सीखा है।
क्षात्रः मान्य गुरू जी, मैं ने केवल इनही चीजों का ज्ञान प्राप्त किया है और मुझे झूट बोलना पसन्द नही है।
शिक्षकः जो सीखा है, मुझे बताओ ?
क्षात्रःपहली बात
मैं ने मानव पर चिन्ता किया तो पाया कि हर कोई अपने प्रिय से प्रेम करता है प्रन्तु जब उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसका प्रिय उसे छोड़ जाता है। इसी लिये मैं ने पुण्य को अपना प्रिय बनाया ताकि जब मेरी मृत्यु हो तो मेरे साथ हो।
दुसरी बात
मैं ने अल्लाह के इस कथन पर चिन्ता किया"और जिसने अपने रब के सामने खड़े होने का डर रखा था और जी को बुरी इच्छ…